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BIHAR SSC PHYSICS PREVIOUS QUESTION

 PHYSICS (भौतिकी)

1. एंगस्ट्रम (Å) क्या मापता है ?

(A) आवृत्ति

(B) तरंगदैर्ध्य

(C) आवर्तकाल

(D) समय

Ans: (B) तरंगदैर्ध्य

[BSSC, 19-08-2007]

Explanation: एंगस्ट्रम अत्यंत छोटी दूरियों को मापने की एक मानक इकाई है, जिसका मुख्य उपयोग प्रकाश की तरंगदैर्ध्य और परमाणुओं के आकार को व्यक्त करने में किया जाता है। एक एंगस्ट्रम 10-10 मीटर के बराबर होता है। यह भौतिकी और रसायन विज्ञान में सूक्ष्म मापन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। नैनोमीटर की तुलना में एक नैनोमीटर में 10 Å (10 एंगस्ट्रम) होते हैं।

2. विधुत सेल में किस तरह की ऊर्जा निहित होती है ?

(A) यांत्रिक

(B) वैद्युतिक

(C) रासायनिक

(D) ताप

Ans: (C) रासायनिक

[BSSC, 19-08-2007]

Explanation: विद्युत सेल एक ऐसा उपकरण है जो अपने भीतर संचित रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं के फलस्वरूप इलेक्ट्रॉन का प्रवाह शुरू होता है। प्राथमिक सेल को दोबारा चार्ज नहीं किया जा सकता, जबकि द्वितीयक सेल रिचार्जेबल होते हैं।

3. डेसिबल किसकी इकाई है ?

(A) मीटर की

(B) ध्वनि की तीव्रता की

(C) प्रतिरोध की

(D) प्रकाश की तीव्रता की

Ans: (B) ध्वनि की तीव्रता की

[BSSC, 19-08-2007]

Explanation: ध्वनि के स्तर या उसकी प्रबलता को मापने के लिए डेसिबल (dB) इकाई का प्रयोग किया जाता है। सामान्य बातचीत के दौरान ध्वनि का स्तर लगभग 60 डेसिबल होता है, जबकि 80 डेसिबल से अधिक की ध्वनि को शोर माना जाता है जो मानव कानों के लिए हानिकारक हो सकती है। यह एक लघुगणकीय पैमाना है, जहाँ हर 10 डेसिबल की वृद्धि ध्वनि की तीव्रता को दस गुना बढ़ा देती है।

4. इन्द्रधनुष के किनारों के रंग होते हैं –

(A) बैंगनी और लाल

(B) बैंगनी और हरा

(C) लाल और हरा

(D) लाल और नीला

Ans: (A) बैंगनी और लाल

[BSSC, 28-05-2007]

Explanation: इन्द्रधनुष का निर्माण वर्षा की बूंदों द्वारा सूर्य के प्रकाश के विक्षेपण, अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होता है। इसमें रंगों का क्रम ‘VIBGYOR’ होता है, जिसमें बैंगनी रंग सबसे नीचे (अंदर) और लाल रंग सबसे ऊपर (बाहर) के किनारे पर स्थित होता है।

5. ऊर्जा का मात्रक वही होता है, जो होता है –

(A) कार्य का

(B) शक्ति का

(C) बल का

(D) त्वरण का

Ans: (A) कार्य का

[BSSC, 28-05-2007]

Explanation: भौतिक विज्ञान में कार्य और ऊर्जा दोनों का विमीय सूत्र समान होता है और इनका S.I. मात्रक ‘जूल’ है। कार्य करने की क्षमता को ही ऊर्जा कहा जाता है, इसलिए दोनों की इकाइयाँ एक जैसी होती हैं। 1 जूल, 1 न्यूटन-मीटर के बराबर होता है और यह एक अदिश राशि है।

6. किसी रेडियो सक्रिय वस्तु से उत्सर्जित अल्फा किरणें हैं –

(A) हाइड्रोजन नाभिक

(B) ऋणात्मक रूप से आवेशित कण

(C) हीलियम नाभिक

(D) ड्यूट्रॉन

Ans: (C) हीलियम नाभिक

[BSSC JEE, 29-07-2007]

Explanation: अल्फा (α) किरणें वास्तव में धनावेशित हीलियम नाभिक होती हैं, जिनमें दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन पाए जाते हैं। रेडियोधर्मी क्षय के दौरान जब किसी परमाणु से एक अल्फा कण बाहर निकलता है, तो उसके परमाणु क्रमांक में 2 और परमाणु द्रव्यमान में 4 की कमी आ जाती है। इनकी भेदन क्षमता बहुत कम होती है, लेकिन इनकी आयनीकरण क्षमता अन्य किरणों की तुलना में सबसे अधिक होती है।

7. बल का S.I. मात्रक है –

(A) न्यूटन

(B) डाइन

(C) जूल

(D) अर्ग

Ans: (A) न्यूटन

[BSSC JE, 29-07-2007]

Explanation: बल का अंतर्राष्ट्रीय मात्रक (S.I. unit) ‘न्यूटन’ है, जिसे महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन के सम्मान में रखा गया है। CGS प्रणाली में बल का मात्रक ‘डाइन’ होता है। एक न्यूटन उस बल के बराबर है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में 1 मीटर/सेकंड² का त्वरण उत्पन्न कर दे।

8. अच्छी प्रतिरोध कुण्डलियाँ होती हैं –

(A) लोहा की

(B) सोना की

(C) चाँदी की

(D) मैंगनीज की

Ans: (C) चाँदी की

[BSSC JE, 29-07-2007]

Explanation: चाँदी विद्युत की सबसे अच्छी सुचालक धातु है क्योंकि इसका विशिष्ट प्रतिरोध सबसे कम होता है। हालांकि महंगी होने के कारण व्यावहारिक रूप से तांबे या एल्युमीनियम का उपयोग अधिक होता है। प्रतिरोधक कुंडलियों के लिए ऐसी धातुओं का चयन किया जाता है जिनकी चालकता उच्च और ऊर्जा हानि कम हो।

9. दाब बढ़ाने पर बर्फ का गलनांक –

(A) घटता है

(B) बढ़ता है

(C) अपरिवर्तित रहता है

(D) पहले बढ़ता है फिर घटता है

Ans: (A) घटता है

[BSSC JE, 29-07-2007]

Explanation: उन पदार्थों का गलनांक दाब बढ़ाने पर घटता है जो पिघलने पर संकुचित होते हैं (जैसे बर्फ)। यही कारण है कि ऊँचे पहाड़ों पर दबाव बढ़ने से बर्फ कम तापमान पर भी पिघलने लगती है। इसके विपरीत, मोम जैसे पदार्थ जो पिघलने पर फैलते हैं, उनका गलनांक दाब बढ़ाने पर बढ़ता है।

10. किसी भी धातु की अधिकतम चाल कितनी हो सकती है ?

(A) अनन्त

(B) 1010 मीटर/से.

(C) 4 x 105 मीटर/सेकण्ड

(D) 3 × 108 मीटर/सेकण्ड

Ans: (D) 3 × 108 मीटर/सेकण्ड

[BSSC JE, 29-07-2007]

Explanation: आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, ब्रह्मांड में किसी भी वस्तु या सूचना की अधिकतम गति प्रकाश की गति 3 × 108 m/s से अधिक नहीं हो सकती। निर्वात में प्रकाश इसी वेग से गमन करता है। भौतिक नियमों के आधार पर किसी भी पदार्थ के लिए इस सीमा को पार करना असंभव है।

11. ग्रहों को उनकी कक्षा में बाँधे रखने वाले बल को क्या कहते हैं ?

(A) स्थिर वैधुत बल

(B) चुम्बकीय बल

(C) गुरुत्वीय बल

(D) नाभिकीय बल

Ans: (C) गुरुत्वीय बल

[BSSC JE, 29-07-2007]

Explanation: सौरमंडल में सूर्य और ग्रहों के बीच कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही उन्हें अपनी निश्चित कक्षाओं में बनाए रखता है। न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार, दो पिंडों के बीच लगने वाला आकर्षण बल उनके द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है। यही बल ग्रहों को सूर्य के चारों ओर घुमाता है।

12. कार में दृश्यावलोकन के लिए किस प्रकार के सीसे का प्रयोग होता है ?

(A) अवतल दर्पण

(B) बेलनाकार दर्पण

(C) उत्तल दर्पण

(D) समतल दर्पण

Ans: (C) उत्तल दर्पण

[BSSC, 27-08-2006]

Explanation: वाहनों में पीछे का दृश्य देखने के लिए ‘उत्तल दर्पण’ (Convex Mirror) का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसका दृष्टि-क्षेत्र (Field of View) बहुत विस्तृत होता है, जिससे चालक को पीछे के बड़े हिस्से का नजारा एक छोटे दर्पण में आसानी से दिख जाता है।

13. अस्त होते समय सूर्य लाल दिखाई देता है –

(A) परावर्तन के कारण

(B) प्रकीर्णन के कारण

(C) अपवर्तन के कारण

(D) विवर्तन के कारण

Ans: (B) प्रकीर्णन के कारण

[BSSC, 27-08-2006]

Explanation: सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणों को वायुमंडल में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस दौरान नीले और कम तरंगदैर्ध्य वाले रंगों का प्रकीर्णन हो जाता है, जबकि अधिक तरंगदैर्ध्य वाला लाल रंग हमारे कानों तक पहुँच पाता है। इसे ‘रैले प्रकीर्णन’ भी कहा जाता है।

14. पृथ्वी तल से किसी वस्तु का पलायन वेग निम्नलिखित पर निर्भर करता है ?

(A) वस्तु के द्रव्यमान पर

(B) प्रक्षेपण की दिशा पर

(C) प्रक्षेपण किए जाने के स्थान पर

(D) उपर्युक्त सभी पर

Ans: (C) प्रक्षेपण किए जाने के स्थान पर

[BSSC, 27-08-2006]

Explanation: पलायन वेग वह न्यूनतम वेग है जिससे किसी पिंड को फेंकने पर वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाता है। यह वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या (स्थान) पर निर्भर करता है। पृथ्वी के लिए इसका औसत मान लगभग 11.2 किमी/सेकंड है।

15. जल के वाष्प में परिवर्तन कहलाता है –

(A) प्राकृतिक

(B) भौतिक

(C) सामाजिक

(D) जैविक

Ans: (B) भौतिक

[BSSC, 27-08-2006]

Explanation: जल का वाष्प में बदलना एक ‘भौतिक परिवर्तन’ है क्योंकि इसमें पदार्थ की केवल अवस्था बदलती है, रासायनिक गुण नहीं। वाष्प को ठंडा करके पुन: जल प्राप्त किया जा सकता है, अर्थात यह एक उत्क्रमणीय (Reversible) प्रक्रिया है। रासायनिक परिवर्तन में नया पदार्थ बनता है, जबकि यहाँ मूल पदार्थ वही रहता है।

16. डायनेमो का कार्य है –

(A) विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलना

(B) रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलना

(C) यांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में बदलना

(D) विधुत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलना

Ans: (C) यांत्रिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में बदलना

[BSSC, 27-08-2006]

Explanation: डायनेमो एक ऐसा उपकरण है जो विद्युत-चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांत पर कार्य करता है। यह यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसके विपरीत, विद्युत मोटर वह उपकरण है जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने का कार्य करती है।

17. निम्न में से अवश्रव्य तरंगें कौन हैं –

(A) 100 Hz

(B) 20 Hz से नीचे

(C) 200 Hz

(D) 20000 Hz

Ans: (B) 20 Hz से नीचे

[BSSC, 28-05-2007]

Explanation: 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों को ‘अवश्रव्य’ (Infrasonic) तरंगें कहा जाता है, जिन्हें मानव कान नहीं सुन सकते। 20 Hz से 20,000 Hz के बीच की तरंगें ‘श्रव्य’ (Audible) होती हैं। हाथी और व्हेल जैसे जीव इन कम आवृत्ति वाली तरंगों का उपयोग संचार के लिए करते हैं।

18. दूध की शुद्धता किससे मापी जाती है –

(A) लैक्टोमीटर

(B) हाइड्रोमीटर

(C) हाइग्रोमीटर

(D) वेब गेज

Ans: (A) लैक्टोमीटर

[BSSC, 28-05-2007]

Explanation: दूध की शुद्धता और उसका आपेक्षिक घनत्व मापने के लिए ‘लैक्टोमीटर’ का प्रयोग किया जाता है। यह आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित एक छोटा उपकरण है। वहीं, हाइड्रोमीटर का उपयोग द्रवों का घनत्व मापने और हाइग्रोमीटर का उपयोग वायुमंडल की आर्द्रता मापने के लिए किया जाता है।

19. ऊष्मा के स्थानान्तरण का कारण क्या है ?

(A) निक्षेपण

(B) विस्थापन

(C) तापान्तर

(D) विघटन

Ans: (C) तापान्तर

[BSSC, 28-05-2007]

Explanation: ऊष्मा का प्रवाह हमेशा उच्च तापमान वाली वस्तु से कम तापमान वाली वस्तु की ओर होता है, जिसे ‘तापान्तर’ (Temperature Difference) कहते हैं। यदि दो वस्तुओं का तापमान समान हो, तो उनके बीच ऊष्मा का स्थानांतरण नहीं होता। ऊष्मा संचरण की तीन मुख्य विधियाँ चालन, संवहन और विकिरण हैं।

20. ऊर्जा संचित होती है –

(A) ADP में

(B) AMP में

(C) ATP में

(D) RMP में

Ans: (C) ATP में

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: जैविक कोशिकाओं में ऊर्जा ‘ATP’ (Adenosine Triphosphate) के रूप में संचित होती है, जिसे ‘कोशिका की ऊर्जा मुद्रा’ (Energy Currency) कहा जाता है। श्वसन के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा इसी अणु में बंधों के रूप में जमा रहती है। शरीर की विभिन्न उपापचयी क्रियाओं के लिए इसी ऊर्जा का उपयोग होता है।

21. लम्बाई के निम्नलिखित मापन में प्रतिशत त्रुटि ज्ञात कीजिए- 0.62 सेमी. एवं 0.623 सेमी.

(A) 1.61% और 0.20%

(B) 1.61% और 0.36%

(C) 1.61% और 0.16%

(D) 1.61% और 0.26%

Ans: (C) 1.61% और 0.16%

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: मापन में प्रतिशत त्रुटि की गणना उपकरण के अल्पतमांक और मापित मान के अनुपात द्वारा की जाती है। 0.62 सेमी में दशमलव के दो स्थान तक मापन होने के कारण त्रुटि 1.61% आती है, जबकि 0.623 सेमी में तीन स्थानों तक मापन से यह केवल 0.16% रह जाती है। इससे स्पष्ट होता है कि मापक यंत्र जितना अधिक सूक्ष्म होगा, त्रुटि उतनी ही कम होगी।

22. एक मैकेनिक 150 न्यूटन के बल के द्वारा एक नट (पेंच) को खोल सकता है, जबकि वह 40 सेमी. लम्बे एक लीवर हत्थे का प्रयोग करता है। यदि वह इस नट (पेंच) को 50 न्यूटन के बल के द्वारा खोलना चाहता है, तो कितने लम्बे लीवर हत्थे की आवश्यकता होगी ?

(A) 1.5 मीटर

(B) 1.6 मीटर

(C) 1.8 मीटर

(D) 1.2 मीटर

Ans: (D) 1.2 मीटर

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: बल आघूर्ण के सिद्धांत के अनुसार, बल और हत्थे की लंबाई का गुणनफल स्थिर रहता है। यहाँ 150 न्यूटन बल और 40 सेमी लंबाई का गुणनफल 6000 आता है, जिसे 50 न्यूटन बल से भाग देने पर 120 सेमी या 1.2 मीटर की लंबाई प्राप्त होती है। अतः कम बल से काम करने के लिए हत्थे की लंबाई बढ़ानी पड़ती है। यह उत्तोलक के यांत्रिक लाभ का एक सटीक उदाहरण है।

23. एक पुल से एक पत्थर को नदी में स्वतंत्र रूप से छोड़ दिया जाता है। यह नदी में जल के सतह को स्पर्श करने में 5 सेकण्ड लेता है। जल के सतह से पुल की ऊँचाई ज्ञात कीजिए- [ g = 9.8 मी./सेकण्ड2, जहाँ g = गुरुत्वाकर्षण त्वरण है।]

(A) 122.5 मीटर

(B) 120.5 मीटर

(C) 124 मीटर

(D) 128 मीटर

Ans: (A) 122.5 मीटर

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: गति के नियम के अनुसार, जब कोई वस्तु मुक्त रूप से गिरती है, तो उसकी दूरी समय के वर्ग और गुरुत्वीय त्वरण के आधे के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ 5 सेकंड का वर्ग 25 होता है, जिसे 9.8 के आधे यानी 4.9 से गुणा करने पर 122.5 मीटर की ऊँचाई प्राप्त होती है। गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के गिरने की गति को प्रति सेकंड लगातार बढ़ाता रहता है।

24. 5º फॉरेनहाइट को केल्विन स्केल में बदलिए –

(A) 250 केल्विन

(B) 268 केल्विन

(C) 260 केल्विन

(D) 258 केल्विन

Ans: (D) 258 केल्विन

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: तापमान बदलने के सूत्र के अनुसार, जब हम 5 डिग्री फॉरेनहाइट को केल्विन में बदलते हैं, तो गणना के बाद परिणाम 258 केल्विन प्राप्त होता है। केल्विन पैमाना वैज्ञानिक कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाता है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें तापमान कभी भी शून्य से नीचे यानी ऋणात्मक नहीं होता है। शून्य केल्विन को परम शून्य ताप कहा जाता है।

25. जब एक वस्तु को 75° के कोण पर झुकी हुई दो समतल दर्पणों के मध्य रखा जाता है, तो निर्मित प्रतिबिम्बों की संख्या है –

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) पाँच

Ans: (B) तीन

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: दो झुके हुए दर्पणों के बीच बनने वाले प्रतिबिंबों की संख्या ज्ञात करने के लिए 360 को उनके बीच के कोण से भाग दिया जाता है। यहाँ 360 को 75 से भाग देने पर 4.8 प्राप्त होता है, जिसमें से नियमतः 1 घटाने पर 3.8 आता है। चूंकि प्रतिबिंब हमेशा पूर्णांक में होते हैं, इसलिए सही उत्तर 3 होगा। जैसे-जैसे दर्पणों के बीच का कोण कम होता है, बनने वाले प्रतिबिंबों की संख्या बढ़ती जाती है।

26. दो ऊर्ध्वाधर टीले के मध्य खड़ा हुआ एक व्यक्ति ध्वनि उत्पन्न करता है। दो क्रमिक प्रतिध्वनियों को 4 सेकण्ड एवं 6 सेकण्ड पर सुना जाता है। टीलों के मध्य की दूरी ज्ञात कीजिए- [वायु में ध्वनि की चाल = 320 मीटर/सेकण्ड]

(A) 2600 मीटर

(B) 3600 मीटर

(C) 600 मीटर

(D) 1600 मीटर

Ans: (D) 1600 मीटर

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: प्रतिध्वनि के सिद्धांत में ध्वनि को जाने और वापस आने में दोगुना समय लगता है। दोनों टीलों की कुल दूरी निकालने के लिए ध्वनि की चाल को कुल समय के योग से गुणा करके आधा कर दिया जाता है। यहाँ 320 को कुल 10 सेकंड से गुणा करने पर 3200 आता है, जिसका आधा 1600 मीटर होगा। यह दर्शाता है कि ध्वनि ने कुल कितनी दूरी तय की।

27. एक विधुत-चुम्बक की शक्ति बढ़ाई जा सकती है –

(A) धारा को बढ़ा करके

(B) चक्करों की संख्या को घटा करके

(C) कुण्डली के लिए पतले तार का प्रयोग करके

(D) इसे पूर्व-पश्चिम दिशा में रख करके

Ans: (A) धारा को बढ़ा करके

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: विद्युत-चुंबक की शक्ति (Magnetomotive Force) प्रवाहित विद्युत धारा और कुण्डली में लपेटों की संख्या पर निर्भर करती है। धारा का मान बढ़ाने या चक्करों की संख्या बढ़ाने से चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ जाती है। लोहे की नर्म छड़ का उपयोग इसे और अधिक शक्तिशाली बनाने में मदद करता है।

28. एक सेल का ई. एम. एफ. है –

(A) सदिश राशि

(B) अदिश राशि

(C) जल के मापन हेतु इकाई

(D) इनमें से कोई नहीं

Ans: (B) अदिश राशि

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: ई.एम.एफ. (Electromotive Force) विद्युत विभव का ही एक रूप है, जो प्रति इकाई आवेश द्वारा प्राप्त ऊर्जा को दर्शाता है। इसमें केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं, इसलिए यह एक ‘अदिश राशि’ है। इसका मात्रक ‘वोल्ट’ होता है और यह सेल के आंतरिक रासायनिक बल का माप है।

29. यह सलाह नहीं दी जाती है कि एक साथ अनेक विधुत उपकरणों को एक ही प्लग बिन्दु से जोड़े क्योंकि परिणाम होता है –

(A) वोल्टेज में वृद्धि

(B) धारा में कमी

(C) भार में वृद्धि

(D) प्रतिरोध में कमी

Ans: (B) धारा में कमी

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: एक ही प्लग बिंदु से कई उपकरण जोड़ने पर समांतर क्रम (Parallel) में कुल प्रतिरोध कम हो जाता है, जिससे लोड बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप वोल्टेज ड्राप होता है और उपकरणों को मिलने वाली प्रभावी ‘धारा में कमी’ आ सकती है। इससे प्लग गर्म होकर जलने या शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

30. मानक ताप एवं दाब (STP) पर 20 ग्राम हाइड्रोजन गैस के आयतन की गणना लीटर में कीजिए –

(A) 224 लीटर

(B) 248 लीटर

(C) 268 लीटर

(D) 278 लीटर

Ans: (A) 224 लीटर

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: रसायन विज्ञान के नियमानुसार, मानक ताप और दाब (STP) पर किसी भी गैस के 1 मोल का आयतन हमेशा 22.4 लीटर होता है। चूँकि हाइड्रोजन (H2)का आणविक द्रव्यमान 2 ग्राम होता है, इसलिए 20 ग्राम हाइड्रोजन में कुल 10 मोल होंगे। इस प्रकार, 10 मोल हाइड्रोजन का कुल आयतन 10 को 22.4 से गुणा करने पर 224 लीटर प्राप्त होता है। यह गणना गैसों के मोलर आयतन के मूलभूत सिद्धांत पर आधारित है।

31. एक परमाणु बम के विस्फोट में अपार ऊर्जा निःसृत होती है। वह मुख्यतया होती है –

(A) भारी परमाणु के हल्के परमाणु में बदलने के कारण

(B) आरम्भिक पदार्थ के द्रव्यमान की अपेक्षा कम द्रव्यमान वाले पदार्थ के उत्पाद के कारण

(C) न्यूट्रॉनों के मुक्त होने के कारण

(D) इलेक्ट्रॉनों के मुक्त होने के कारण

Ans: (B) आरम्भिक पदार्थ के द्रव्यमान की अपेक्षा कम द्रव्यमान वाले पदार्थ के उत्पाद के कारण

[BSSC, 29-12-2005]

Explanation: परमाणु बम ‘नाभिकीय विखंडन’ के सिद्धांत पर आधारित है। विस्फोट के दौरान होने वाली द्रव्यमान की क्षति (Mass Defect) ही आइंस्टीन के समीकरण E=mc2 के अनुसार ऊर्जा में बदल जाती है। इसमें यूरेनियम या प्लूटोनियम जैसे भारी नाभिकों का विखंडन होता है।

32. प्रकाश का वेग किमी/सेकण्ड में है –

(A) 3 x 105

(B) 3 x 106

(C) 4 x 107

(D) 3 x 104

Ans: (A) 3 x 105

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: निर्वात में प्रकाश की चाल लगभग 3,00,000 किमी/सेकंड होती है, जिसे वैज्ञानिक पद्धति में 3 × 105 किमी/सेकंड लिखा जाता है। यदि इसे मीटर/सेकंड में बदलें तो यह 3 × 108 मीटर/सेकंड होती है। यह ब्रह्मांड की अधिकतम ज्ञात गति है।

33. एक सरल लोलक का दोलन काल 3 सेकण्ड है। यदि इसकी लम्बाई 9 गुना कर दी जाए, तो इसका नया दोलन काल (सेकण्ड में) कितना होगा ?

(A) 3

(B) 5

(C) 6

(D) 9

Ans: (D) 9

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: सरल लोलक का नियम यह कहता है कि उसका आवर्तकाल (T) उसकी लंबाई (L) के वर्गमूल के अनुपात में बढ़ता है। यदि लंबाई को 9 गुना बढ़ाया जाता है, तो उसका आवर्तकाल 9 के वर्गमूल यानी 3 गुना बढ़ जाएगा। चूंकि पहले आवर्तकाल 3 सेकंड था, इसलिए अब वह 3 का 3 गुना होकर कुल 9 सेकंड हो जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि लोलक जितना लंबा होगा, वह एक चक्कर पूरा करने में उतना ही अधिक समय लेगा।

34. एक लेन्स की क्षमता +2.5 डायोप्टर है। लेन्स की फोकस दूरी (सेमी. में) क्या होगी ?

(A) 25

(B) 30

(C) 35

(D) 40

Ans: (D) 40

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: लेंस की क्षमता (P) और उसकी फोकस दूरी (f) एक-दूसरे के विपरीत (उल्टे) अनुपात में होते हैं। क्षमता जितनी अधिक होगी, फोकस दूरी उतनी ही कम होगी। जब हम 100 को लेंस की क्षमता यानी 2.5 से भाग देते हैं, तो हमें 40 सेमी की फोकस दूरी प्राप्त होती है। यहाँ क्षमता का मान धनात्मक है, जो यह दर्शाता है कि यह एक ‘उत्तल लेंस’ है। उत्तल लेंस का उपयोग अक्सर दूर-दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए किया जाता है।

35. एक अश्व शक्ति लगभग बराबर है –

(A) 546 वाट

(B) 646 वाट

(C) 746 वाट

(D) 846 वाट

Ans: (C) 746 वाट

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: अश्व शक्ति (Horsepower) शक्ति के मापन की एक पारंपरिक इकाई है, जिसका प्रयोग अक्सर इंजनों और मोटरों की क्षमता दर्शाने के लिए किया जाता है। 1 हॉर्सपावर (HP) सटीक रूप से 746 वाट के बराबर होता है। वाट शक्ति का S.I. मात्रक है।

36. निम्नलिखित में से किसे ऊर्जा के व्यापारिक मात्रक के रूप में प्रयोग करते हैं ?

(A) वाट-घण्टा

(B) किलो-जूल-घण्टा

(C) मेगावाट-घण्टा

(D) किलोवाट-घण्टा

Ans: (D) किलोवाट-घण्टा

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: बिजली के बिलों में खपत होने वाली ऊर्जा को ‘किलोवाट-घण्टा’ (kWh) में मापा जाता है, जिसे सामान्य भाषा में ‘यूनिट’ कहते हैं। 1 किलोवाट-घण्टा 3.6 × 106 जूल के बराबर होता है। यह ऊर्जा के बड़े परिमाण को मापने की व्यावसायिक इकाई है।

37. ऊर्जा की विमा (Dimension) है –

(A) M2L2T2

(B) ML2

(C) ML2T-2

(D) MLT-2

Ans: (C) ML2T-2

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: ऊर्जा और कार्य की विमाएँ समान होती हैं। चूंकि कार्य = बल × विस्थापन होता है, और बल की विमा MLT-2 है, तो कार्य/ऊर्जा की विमा MLT-2×L = ML2T-2 होगी। विमाएँ भौतिक राशियों के मूलभूत संबंधों को दर्शाती हैं।

38. हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर हाउसों में किसे विधुत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है ?

(A) जल की स्थतिज ऊर्जा

(B) रासायनिक ऊर्जा

(C) वायु ऊर्जा को

(D) सौर ऊर्जा को

Ans: (A) जल की स्थतिज ऊर्जा

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: बाँधों में ऊँचाई पर जमा पानी में ‘स्थितिज ऊर्जा’ (Potential Energy) संचित होती है। जब यह पानी नीचे गिरता है, तो यह गतिज ऊर्जा में बदलकर टर्बाइनों को घुमाता है, जो अंततः जनरेटर के माध्यम से विद्युत ऊर्जा में बदल जाती है। यह ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है।

39. निम्न में से कौन सर्वाधिक रेडियोएक्टिव है ?

(A) यूरेनियम

(B) थोरियम

(C) रेडियम

(D) प्लूटोनियम

Ans: (C) रेडियम

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: रेडियम एक अत्यंत सक्रिय रेडियोधर्मी तत्व है। इसकी रेडियोधर्मिता यूरेनियम की तुलना में लगभग लाखों गुना अधिक होती है। मैडम क्यूरी और पियरे क्यूरी ने पिचब्लेंड नामक खनिज से रेडियम की खोज की थी। इसकी अत्यधिक सक्रियता के कारण इसका उपयोग कैंसर उपचार में होता है।

40. 100 ग्राम द्रव्यमान के पिंड पर एक निश्चित बल कार्य करता है जिससे 25 सेकंड में इसका वेग 50 सेमी./सेकंड हो जाता है। त्वरण और बल के मान क्या होंगे ?

(A) क्रमशः 2 सेमी./सेकंड2, 200 डाइन

(B) क्रमशः 3 सेमी./सेकंड2, 100 डाइन

(C) क्रमशः 2 सेमी./सेकंड2, 300 डाइन

(D) क्रमशः 3 सेमी./सेकंड2, 200 डाइन

Ans: (A) क्रमशः 2 सेमी./सेकंड2, 200 डाइन

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: सबसे पहले हम त्वरण ज्ञात करते हैं। त्वरण (a) = (अंतिम वेग – प्रारंभिक वेग) / समय यहाँ, त्वरण = (50 – 0) / 25 = 2 सेमी/सेकंड2

अब बल की गणना न्यूटन के द्वितीय नियम से करेंगे। बल (F) = द्रव्यमान (m) × त्वरण (a) यहाँ, बल = 100 ग्राम × 2 = 200 डाइन

चूँकि सभी इकाइयाँ CGS पद्धति (ग्राम और सेंटीमीटर) में हैं, इसलिए बल का मात्रक ‘डाइन’ होगा।

41. वेग, त्वरण व तय की गई दूरी में सह- सम्बन्ध है-

(A) v = u + at

(B) v² = u² + 2as

(C) s = ut+1/2at²

(D) s = ut

Ans: (B) v² = u² + 2as

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: यह गति का तृतीय समीकरण है, जो वस्तु के अंतिम वेग, प्रारंभिक वेग, त्वरण और विस्थापन के बीच संबंध स्थापित करता है। यह समीकरण तब उपयोगी होता है जब समय (t) ज्ञात न हो। विकल्प (A) प्रथम और विकल्प (C) द्वितीय गति समीकरण हैं।

42. प्रकाश किस रूप में व्यवहार करता है, कण के रूप में अथवा तरंग के रूप में ?

(A) कण

(B) तरंग

(C) न तो कण न तरंग

(D) कण व तरंग दोनों

Ans: (D) कण व तरंग दोनों

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: प्रकाश की ‘दोहरी प्रकृति’ (Dual Nature) होती है। व्यतिकरण और विवर्तन जैसी घटनाओं में यह तरंग की तरह व्यवहार करता है, जबकि प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect) में यह कण (फोटॉन) की तरह व्यवहार करता है। इस सिद्धांत का प्रतिपादन डी-ब्रोग्ली ने किया था।

43. 0°C तापमान की एक किग्रा. बर्फ, 10°C पर एक किग्रा. पानी के साथ मिला दी जाती है। परिणामी तापमान होगा –

(A) 0°C से 10°C के मध्य

(B) 0°C से कम

(C) 0°C के समान

(D) इनमें से कोई नहीं

Ans: (C) 0°C के समान

[BSSC, 01-05-2005]

Note: Corrected Data – Logic indicates all heat from 10°C water is consumed in melting only a part of the ice.

Explanation: बर्फ की गुप्त ऊष्मा (80 cal/g) बहुत अधिक होती है। 10°C का पानी ठंडा होकर केवल 10,000 कैलोरी देगा, जबकि पूरी बर्फ पिघलाने के लिए 80,000 कैलोरी चाहिए। अतः बर्फ पूरी तरह नहीं पिघलेगी और मिश्रण का तापमान 0°C पर ही स्थिर रहेगा।

44. जब एक श्वेत प्रकाश ग्लास प्रिज्म से गुजरता है, तो निम्न में से कौन सा रंग सर्वाधिक अपवर्तित होता है ?

(A) नीला

(B) लाल

(C) नारंगी

(D) श्वेत

Ans: (A) नीला

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: प्रिज्म से गुजरते समय जिस रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, वह सबसे अधिक झुकता (अपवर्तित) है। दिए गए विकल्पों में नीले रंग का अपवर्तनांक लाल और नारंगी से अधिक है, इसलिए यह सबसे ज्यादा मुड़ता है। बैंगनी रंग का अपवर्तन सबसे अधिक होता है।

45. दूध की शुद्धता की जाँच किस यन्त्र से की जाती है ?

(A) हाइड्रोमीटर

(B) मैनोमीटर

(C) लैक्टोमीटर

(D) फैदमोमीटर

Ans: (C) लैक्टोमीटर

[BSSC, 21-08-2005]

Explanation: लैक्टोमीटर दूध के विशिष्ट घनत्व को मापकर उसकी शुद्धता का पता लगाता है। यह पानी की मिलावट को तुरंत पकड़ लेता है। अन्य यंत्रों में, मैनोमीटर गैस का दाब मापने और फैदमोमीटर समुद्र की गहराई मापने के काम आता है।

46. एस. आई. पद्धति में ‘तापक्रम’ का मात्रक है –

(A) सेल्सियस

(B) फॉरेनहाइट

(C) केल्विन

(D) रैंकाइन

Ans: (C) केल्विन

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: अंतरराष्ट्रीय मानक पद्धति (S.I.) में तापमान का मुख्य मात्रक ‘केल्विन’ (K) है। शून्य केल्विन को ‘परम शून्य ताप’ माना जाता है, जहाँ आणविक गति रुक जाती है। सेल्सियस और फॉरेनहाइट व्यावहारिक मात्रक हैं, लेकिन वैज्ञानिक गणनाओं में केल्विन का ही प्रयोग होता है।

47. पहाड़ पर चढ़ते समय व्यक्ति आगे की ओर झुका रहता है, ताकि –

(A) वह तेजी से चल सके

(B) फिसलने की संभावना कम हो सके

(C) उसकी ऊर्जा बची रहे

(D) स्थायित्व में वृद्धि हो सके

Ans: (D) स्थायित्व में वृद्धि हो सके

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: आगे झुकने से व्यक्ति के शरीर का ‘गुरुत्व केंद्र’ (Center of Gravity) उसके पैरों के आधार के भीतर बना रहता है। इससे संतुलन बेहतर होता है और पीछे गिरने की संभावना खत्म हो जाती है। यह भौतिकी के संतुलन के नियमों का एक व्यावहारिक उदाहरण है।

48. एक क्रिकेट खिलाड़ी गेंद को पकड़ते समय अपने हाथ को नीचे कर लेता है। ऐसा उसे चोट लगने से बचाता है। यह –

(A) न्यूटन के गति का तीसरा नियम है

(B) संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त है

(C) द्रव्यमान व ऊर्जा के संरक्षण का सिद्धान्त

(D) अपकेन्द्री बल है

Ans: (B) संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त है

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: क्रिकेट खिलाड़ी जब गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे (नीचे) खींचता है, तो वह गेंद के वेग को शून्य करने में लगने वाले समय को बढ़ा देता है।

न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार,

बल (F) = संवेग में परिवर्तन (Δp) / समय अंतराल (Δt)

इस सूत्र के अनुसार, बल और समय एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होते हैं। जब हाथ पीछे खींचने से समय (t) बढ़ जाता है, तो हाथों पर लगने वाला आवेगी बल (F) कम हो जाता है। इसके विपरीत, यदि हाथ स्थिर रखे जाएं, तो संवेग बहुत कम समय में शून्य हो जाएगा, जिससे हाथों पर तीव्र बल लगेगा और चोट लग सकती है।

Note: हालांकि यह क्रिया मुख्य रूप से न्यूटन के द्वितीय नियम (आवेग-संवेग सिद्धांत) पर आधारित है, लेकिन दिए गए विकल्पों में संवेग में बदलाव और उसके प्रभाव के कारण इसे संवेग के सिद्धांतों से जोड़ा जाता है।

49. एक हवाई जहाज के पंखे पर बह रही हवा की चाल में वृद्धि होती है, तो पंखे पर दाब –

(A) बढ़ जाएगा

(B) समान ही रहेगा

(C) कम हो जाएगा

(D) उतना रहेगा जितना उसके नीचे हैं

Ans: (C) कम हो जाएगा

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: यह ‘बरनौली के सिद्धांत’ पर आधारित है। इस नियम के अनुसार, जब तरल (हवा) का वेग बढ़ता है, तो वहाँ दाब कम हो जाता है। पंखे के ऊपर हवा तेज चलने से दाब कम होता है और नीचे अधिक दाब के कारण जहाज को ऊपर की ओर ‘लिफ्ट’ मिलती है।

50. तीन प्राथमिक रंग है –

(A) नीला, हरा और लाल

(B) नीला, पीला और लाल

(C) पीला, नारंगी और लाल

(D) बैंगनी, पीला और नीला

Ans: (A) नीला, हरा और लाल

[BSSC, 01-05-2005]

Explanation: लाल, हरा और नीला (RGB) प्राथमिक रंग कहलाते हैं क्योंकि इन्हें किसी अन्य रंग के मिश्रण से प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन तीनों रंगों को उचित अनुपात में मिलाने पर श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है। रंगीन टेलीविजन और मॉनिटर में इन्हीं का उपयोग किया जाता है।

👉 BSSC BIOLOGY POST-01

👉 BSSC CHEMISTRY POST-01

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